तपे बिना कोई निखर नहीं सकता
संघर्ष किए बिना कोई पा उच्च शिखर नहीं सकता
कुछ किए बिना कोई बन अमर नहीं सकता
ठोकर खाए बिना कोई सुधर नहीं सकता।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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