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विजेता वह है जो मन पर नियंत्रण करता है

                
                                                         
                            तन जैसे जैसे बुढ़ा होता जाता है
                                                                 
                            
मन वैसे वैसे जवान होता जाता है
मन करता है यह खाऊं, वह खांऊ
यहां जाऊं, वहां जाऊं,उसको समझाऊं
तन जब जवान होता है,लगता है बड़ा सुंदर
मन जब जवान होता है,बनता है बड़ा सुंदर
पर दुनिया तन की सुंदरता पर मरती है
और केवल तन से ही प्यार करती है
जबकि सारा सुंदर काम मन करता है
विजेता वह है जो मन पर नियंत्रण करता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 सप्ताह पहले

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