इस क्षणभंगुर संसार
में कर लो अमर प्यार
ख़त्म हो जाएगा संसार
पर बचा रहेगा प्यार
कर लो स्वदेश से प्यार
कर लो अमर प्यार
हैं सुंदर समंदर,पर्वत,पठार
हैं सुंदर हमारे हिंद का संसार
कर लो अमर प्यार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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