सूरज उगेगा
तम भागेगा
बीतेगी काली रात
होगी दिन की शुरुआत
रखो धीरज, दुःख के बादल छंट जाएंगे
सुख के दिन आएंगे
भाग्य चमकेगा
सूरज उगेगा।
- सहज कुमार
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