तमसा नदी के किनारे बसा आजमगढ़ है
यह विद्वानों, संतों,कवियों का गढ़ है
राम ने वनवास की पहली रात यहीं बिताई
तमसा के तट पर,दुर्वासा,दत्तात्रेय ने आश्रम बनाई
मऊ, अंबेडकर नगर, गोरखपुर
गाजीपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर
हैं पड़ोसी हमारे आजमगढ़ के
यह जिला चले,बोले बढ़ चढ़ के
हरिऔध,कैफी आज़मी,राहुल का यहीं घर है
जिला यह इतिहास में अजर अमर है
वीरों की धरती यह रखती अलग पहचान है
हिंदुस्तान इसे मानता, इसे जानता जहान है
गया मैं यहां साल 1990 में
बी.एड. का प्रवेश परीक्षा देने
शहर यह अपने आप में शानदार है
यह जिला धान गेहूं का पैदावार है
मुबारक पुर की रेशमी साड़ी इसकी पहचान है
आओ देखो दुनिया वालों! यह चलता फिरता हिंदुस्तान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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