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शाम सुहानी

                
                                                         
                            शाम सुहानी
                                                                 
                            
सुबह सुहानी
बहे मंद मंद पवन
है यह मेरा वतन
है यह मेरा उपवन
है पुलकित नील गगन
है पुलकित तन मन
चलो,टहल कर आएं
चलो, सेहत बनाएं
स्वस्थ तन मन से सब कुछ पाएं।
- सहज कुमार
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2 महीने पहले

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