समय हमारा जा रहा है कहां?
देखो ध्यान से हैं हम कहां?
पढ़ रहे हैं हम कहां
बढ़ रहे हैं हम कहां
हमारा समय चुरा रहा
कौन कब कहां?
समय ही है धन
इसको मत गंवाओ
समय से ही है बना जीवन
इसको सदुपयोग में लाओ
जीवन सफल बनाओ।
- सहज कुमार
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