पेड़ों को डर है इंसान से
इंसान को डर है इंसान से
हम पेड़ पौधों को बचा लेते
तो प्राणवायु को बचा लेते
धरा को बचा लेते
वनों को बचा लेते
इंसान को बचा लेते
इंसान बन बैठा है हैवान
इंसान बन बैठा है शैतान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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