मन में भरो नव उत्साह
तुममें छुपी शक्ति अथाह
चलो सच्चाई की राह
रुकने न दो अपना प्रवाह
बनाओ अपनी राह
कांटों पर बनाओ राह
पहाड़ों पर बनाओ राह
भर मन में नव उत्साह।
- सहज कुमार
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