जहां आए सारा संसार
पाने को ईश्वर का प्यार
पितृपक्ष मेला में लगती भीड़ अपार
जहां उमड़ता भक्ति भाव अपार
गया की पावन धरती पर
विष्णु भगवान आए उतर
गए गयासुर को वर देकर
पांच कोस तक है 54 पावन स्थान
जहां है पिंडदान का विधान
है यहां अक्षय वट,मंगला गौरी
प्रेतशिला,ब्रह्मयोनि, वैतरणी
जग में है गया का प्रथम स्थान
है गया मोक्षदायिनी
है गया ज्ञान दायिनी
है यह बुद्ध की पावन नगरी
है यह जैन, हिंदू,बौद्ध धर्म की नगरी
आओ आज यहां
पाओ शांति यहां।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X