आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मेरा मन हिंदुस्तानी

                
                                                         
                            मेरा मन हिंदुस्तानी
                                                                 
                            
मेरा तन हिंदुस्तानी
मेरा गगन हिंदुस्तानी
मेरा वतन हिंदुस्तानी
मैं चलता चाल तूफानी
मैं करता कमाल हिंदुस्तानी
है साहस मेरी राजधानी
मैं रचता वीरता की कहानी
मैं रचता मंगल पांडे की कहानी
मैं रचता अमर निशानी
मैं बनता बलिदानी
मैं बनता रचता अमर कहानी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर