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जहां घर-घर में पावन पुराण हैं

                
                                                         
                            मेरा भारत वह भारत है
                                                                 
                            
जो कभी डरा नहीं
जो कभी मरा नहीं
मेरा भारत वह भारत है
जहां घर-घर में राम सीता हैं
जहां घर-घर में पावन गीता है
जहां घर-घर में पावन कुरान है
जहां घर-घर में पावन पुराण हैं
जहां पृथ्वीराज चौहान हैं
जहां वीर हनुमान हैं
जहां राणा प्रताप हैं
जहां शिवा का ताप है
जहां मंगल पांडे का छाप है
जहां बागी बलिया है
जहां बागी बैरिया है
जहां मांझी पुल है
जहां वीरता का धूल है
जहां सहज के गान हैं
जहां मधुमय राष्ट्र गान है
जहां के लोग झुकते नहीं हैं
जहां के लोग रूकते नहीं हैं
जहां लिट्टी चोखा है
जहां नहीं धोखा है
जहां बलिया का सत्तू,मरीचा है
जहां गुदरी सिंह के टोला का बागीचा है
जहां सुरेमनपुर है
जहां प्यार साहस दोनों भरपूर हैं
जहां पांडे पुर है
जहां दया छपरा है
जहां दूबे छपरा है
जहां स्वर्ग उतरा है
वह मेरा हिंदुस्तान है
जहां के चाल में शान है
जहां के चाल में आन-बान है
जहां गेहूं चना धान है
वह हमारा हिम्मती हिंदुस्तान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक महीने पहले

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