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हम कहेनी काहे ना मिलब भाई?

                
                                                         
                            सुरेमनपुर के पास में
                                                                 
                            
बैरिया के पास में
बीच बा बाजार
रानी गंज बाजार
कईसे हम भूलाईं
जहां बाड़े मंसूर भाई
एके साथे भईल पढ़ाई
एके साथे भईल खेलाई
जब जब हम गांवे जाई
उनकर दुकानवा भेंटाई
उ कहेंले मिल के जा भाई
हम कहेनी काहे ना मिलब भाई?
इहे गांव नगर के प्यार बा
गऊंवा में हमार संसार बा
गऊंवा में मित्र हमार बा
मनोजवा के कैसे हम भूलाई?
जब गांवे हम जाई
खूब बतियाई
मंसूर भाई!
कईसे बाड़ भाई!
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक महीने पहले

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