मैं जनता की आवाज हूं
मैं वीर जवान जांबाज हूं
मैं सिंह की दहाड़ हूं
मैं हिमालय पहाड़ हूं
मैं एक हुंकार हूं
मैं देश की पुकार हूं
मैं कवि कलाकार हूं
मैं सच्चा साहित्यकार हूं
मैं भविष्य का सृजन हार हूं
मैं निडर सरकार हूं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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