चाहिए सबको मान सम्मान
चाहिए सबको धन धान
चाहिए सबको ज्ञान
चाहिए सबको भगवान
पर मुझे चाहिए विकसित हिंदुस्तान
सबको छूना चाहता आसमान
पर भूल जाता इंसान
अपना ईमान
रखता नहीं अपने कर्तव्य का ध्यान
जो करता कर्म महान
पाता है वही मान, सम्मान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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