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कोहिनूर मुजफ्फरपुर

                
                                                         
                            मेरी तपोभूमि
                                                                 
                            
जानकी जी की तपोभूमि
दिनकर जी की तपोभूमि
राजेन्द्र जी की तपोभूमि
खुदी राम बोस जी की कर्म भूमि
जार्ज फर्नांडीज जी की तपोभूमि
है तपोभूमि
मुजफ्फरपुर ढेर सारे संतों,कवियों कलाकारों की
ढेर सारे साहित्यकारों की
जय बोलो मुजफ्फरपुर की
बाबा गरीबनाथ के मुजफ्फरपुर की
लीची की मधुर मीठास लिए
आस लिए
विश्वास लिए
लंबी सांस लिए
एक उच्छवास लिए
मैंने जलाए
साहित्य के कुछ दीए
कि जग जगमगाए
कि मनमोहनी महक आए
सहज के मधुमय गान की
सहज के राष्ट्र गान की
मेरे प्यारे हिंदुस्तान की
लीची के बागान की
शहर मुजफ्फरपुर
है कोहिनूर
आईए घूम लीजिए
होंठों से इसे चूम लीजिए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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