आए काम करो तत्काल
आए कब कौन काल?
कौन जाएगा,कौन होगा बहाल?
होगा किसका क्या हाल?
इसे कोई जानता नहीं
कोई पहचानता नहीं
तब भी इंसान चलता चाल
चलता वह क्यों कुटिल चाल?
कब किसका पत्ता कटेगा?
कौन रहेगा, कौन हटेगा?
कोई कह नहीं सकता
ईश्वर के बिना कोई रह नहीं सकता।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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