ये सारे कागज झूठे हैं
जो कहते हैं
सहज मर गया
जितनी बार मुझे पढ़ोगे,आयेगा उत्साह नया
नया, नया,नया
और नया।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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