मान में
अपमान में
रहो एक समान
बनो महान इंसान
छोड़ जाओ निशान
जीतो आसमान।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X