जब बात से बात न बने तो विरोध जताना जरूरी है
जिंदा हो तो साहस, प्रतिरोध दिखाना जरूरी है
सरकार जुल्मी हो तो इसे झुकाना जरूरी है।
- सहज कुमार
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