जग में मैं आया
जग बदलने मैं आया
कुछ बड़ा करने मैं आया
कुछ सुंदर करने मैं आया
दुःख दुखियों का हरने मैं आया
करूं कुछ ऐसा
किया नहीं कोई जैसा
यही मेरा अरमान है
हां बचा मेरा ईमान है
हां बदलना हिंदुस्तान है
हां बदलना जहान है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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