आज अनुशासन हीनता पहले से ज्यादा है
इसीलिए लिए चोरी चकारी पहले से ज्यादा है
विद्यालय में अनुशासन नहीं
समाज में अनुशासन नहीं
इंसान भटक गया है कहीं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X