हम हैं एक
हम हैं नेक
है हमारा धर्म एक
है हमारा धर्म नेक
हैं हमारे ईश्वर एक
है मानव धर्म एक
तब कैसे हुए हम जाति पांति के शिकार?
हमें क्यों कोई कहे कुम्हार,कलवार,लोहार?
जब करते एक ईश्वर हमारी रखवाली
तब कैसे हुए हम व्याध, जुलाहा,माली?
हैं अलग-अलग व्यवहार विचार
हैं अलग-अलग व्यवसाय के आधार
पर है हम सबसे सारा संसार
चलो, करें हम सबसे प्यार
बनाएं स्वर्ग से सुंदर संसार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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