हम चार भाई
हम प्यार भाई
रहें प्यार से
रहें दुलार से
तो घर स्वर्ग बन जाए
स्वर्ग सा सुख पाएं
स्वार्थ को भगाएं
एकता दिखाएं।
- सहज कुमार
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