होगा सवेरा सूरज उगेगा
तम को काट कर उगेगा
बादलों को काट कर उगेगा
अंधेरा छंटेगा
कुहरा हटेगा
तम के बादल हटेंगे
दुःख के बादल छंटेंगे।
- सहज कुमार
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