आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

हिंदी है भारत मां के शीष पर ताज

                
                                                         
                            हिंदी है भारत मां के शीष पर ताज
                                                                 
                            
हिंदी की आवश्यकता है आज
हिंदी है तृतीय स्थान पर
लाना है इसे प्रथम स्थान पर
कब आएगी यह प्रथम स्थान पर?
जब हम हिंदी बोलेंगे,लिखेंगे
जब हम हिंदी सीखेंगे।
पहले पूरे हिन्दुस्तान में
इसको सम्मान दो
तब सारे जहान में
इसको सम्मान दो
हिंदी को वह मान दो
जो मां को देते हो
जो पिता को देते हो
जो गुरू को देते हो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक घंटा पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर