हिमालय है हमारा
दरवान प्यारा
इससे सुरक्षित है
अभिनन्दित है
हिंद हमारा
पुलकित है हिंद हमारा
निकलती इससे गंगा की धारा
निकलती इससे यमुना की धारा
इससे है उन्नत भाल हमारा
इससे उन्नत है स्वाभिमान हमारा
इसके सामने नत है संसार सारा
है हिम्मती हिमालय हमारा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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