नौकरी कहीं भी कर लो
जेब जितना भी भर लो
घर हर रविवार को
और हर त्योहार को
आना पड़ता है
जाना पड़ता है
प्यार निभाना पड़ता है
वादा निभाना पड़ता है
बहुत कुछ गंवाना पड़ता है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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