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गया पावन स्थली

                
                                                         
                            गया पर्यटन स्थली
                                                                 
                            
गया पावन स्थली
गया मोक्ष स्थली
गया ज्ञान स्थली
हर वर्ष पितृपक्ष मेला यहां लगता है
हर वर्ष गया शहर दुल्हन सा सजता है
जगमग जगमग जगमगाता गया है
चकमक चकमक चमचमाता गया है
लगता स्वर्ग आया अवनी पर एक और नया है
आते हैं पिंडदानी सारे संसार से
रहते हैं घूमते हैं सारे बड़े प्यार से
फल्गु नदी के किनारे
करके पिंडदान जाते सारे
लगाते "जय विष्णु" के नारे
सत्य,निष्ठा,आस्था के सहारे
जीते गया वासी हर प्रहर हैं
सम्मान,समर्पण,सेवा,संस्कार से सजता शहर है
आ गए हम हों इंद्रपुरी में
घूम रहे हम हों जैसे देवपुरी में
ऐसा लगता जैसे सामने खड़े ईश्वर हैं
रात भर,दिन भर जगता यह शहर है
देव बन पिंडदानी यहां उतरते हैं
भगवान विष्णु कष्ट सबका यहां हरते हैं
जंगम तीर्थ गया में सात पुरखे हमारे तरते हैं
जग से सभी एक दिन जाते हैं
पर जीवात्मा सद्गति यहीं पर पाते हैं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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3 घंटे पहले

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