गया का अनारसा जो चखा नहीं
वह जीवन का स्वाद चखा नहीं
इस मिठाई
को जिसने खाई
उसने की बहुत बड़ाई
जो नहीं खाया
वह पछताया
इसके अंदर खोवा भरा है
इसके अंदर प्यार भरा है
इसके अंदर सारा संसार भरा है
इसके अंदर स्वाद भरा है
मिठाइयों का यह राजा है
और मिठाई तो प्रजा है
एक बार आप आइए
अनारसा खाइए
खरीद कर ले जाइए
जो खाया
वो अघाया
अमृत रस का स्वाद पाया।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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