कैसे दिखाऊं मैं अपना स्वदेश प्यार?
कैसे बताऊं स्वदेश की महिमा अपार?
बहती जहां अमृत की धार
हैं जहां अनेकों पर्वत पठार
है जहां गंगा का कछार
हैं जहां वीरों की कतार
है जहां गंगा की तेज धार
है जहां संगठित परिवार
है जहां उत्तर प्रदेश,बिहार
है जहां वीरों का राजस्थान
है जहां गंगा का मैदान
है जहां पृथ्वीराज चौहान
है जहां राणा,शिवा महान
है जहां भगतसिंह बलवान
जहां झांसी की रानी है
जहां हर जिले की कहानी है
जहां बागी बलिया जिला स्वाभिमानी है
जहां मंगल पांडे जैसे वीर बलिदानी अमर हैं
जहां मुजफ्फरपुर में खुदीराम की कुर्बानी अमर है
जहां गया की पावन धरती की कहानी अमर है।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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