चल चलल जाव
आज आपन गांव
शहर शहर घूम के
धूल धक्कड़ चूम के
थाक गईल पांव
भ गईल घाव
जहवां बा नाव
आपन बाबा के
अउर आपन चाचा के
अउर आपन दादा के
जहां बाड़ी भगवती माई
जहां बाड़ी काली माई
जहां बाड़ी गंगा माई
चल अब भईल बहुत कमाई
हाथ पांव सब छिलाईल
शहर में का भेटाईल?
गऊंए में हमार मनवा हेराइल बा
हमार हीरवा हेराईल बा
हमार सोनवा हेराईल बा
तू कह तार गऊंवा में का बा?
गऊंए में हमार संस्कार बा
स्वर्ग से सुंदर गऊंवा हमार बा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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