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गांव में मनवा अटकल बा

                
                                                         
                            पैसा खातिर जाई हम परदेश
                                                                 
                            
छोड़ीं कईसे देश?
गांव में मनवा अटकल बा
गांव में तनवा अटकल बा
केहू जाता अरब
कमाए खरब
रह के गऊंवा में,कमाईब हम अरब
कमाईब हम खरब
हम जाईब ना अरब
जाईब ना परदेश
छोड़ब नाहीं देश
गांव में धनवा अटकल बा
गांव में मनवा अटकल बा।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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5 घंटे पहले

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