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फुटपाथ पर

                
                                                         
                            फुटपाथ पर
                                                                 
                            
जिंदगी गुजर
बसर कर
जी रहे हैं हमारे हिंदुस्तान के
स्वर्ग से सुंदर स्थान के
गरीब लोग
कैसा यह संयोग?
क्या यही राम राज है?
किसकी सत्ता आज है?
क्या इनके बच्चे पढ़ेंगे नहीं?
क्या ये भी आगे बढ़ेंगे नहीं?
कैसे हिंद हमारा विकसित होगा?
कब हिंद हमारा विकसित होगा?
गर्मी जाड़ा बरसात
दिन दोपहर रात
क्या फुटपाथ पर रहेंगे ये मेरे भाई हिंदुस्तानी?
क्या ये भींगते,सूखते,कांपते बिताएंगे रात तूफानी?
क्यों,क्यों, क्यों?
ये रहेंगे यों,यों।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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48 मिनट पहले

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