जहां गंगा के पानी लहर लहर लहराए
जहां सरयू के पानी लहर लहर लहराए
जिसको द्वाबा क्षेत्र कहा जाए
जिसको भृगु क्षेत्र कहा जाए
जिसको बलि क्षेत्र कहा जाए
जहां "सहज" के राष्ट्रगीत की गूंज सुनाए
जहां मंगल पांडे की तलवार लपलपाए
जहां हजारी प्रसाद के निबंध धूम मचाए
जहां की माटी से देश प्रेम की खुशबू आए
जहां लोग लंबे,चौड़े सीने वाले पाए जाएं
जहां नस नस में स्वाभिमान बहता जाए
जहां से कायरता भाग पराए
जहां की निडरता देख अंग्रेज भाग पराए
जिसे बागी बलिया कहा जाए
जिसे बागी बैरिया कहा जाए
जिसे त्यागी बलिया कहा जाए
जहां से हमारे प्रधानमंत्री आएं
जहां बच्चा बच्चा शान दिखाए
वहीं से हम आएं ।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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