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दिल के पन्ने

                
                                                         
                            मेरे दिल पर लिखा है, "प्यार प्यार"
                                                                 
                            
खुलेंगे दिल के पन्ने,पढ़ना लेना बार बार
पढ़ लेना हजार बार
खुलेंगे दिल के पन्ने धीरे धीरे
पढ़ना धीरे धीरे
दिल पर लिखा है, "स्वदेश से प्यार"
बस स्वदेश से प्यार।
- सहज कुमार
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 महीने पहले

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