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देवदूत बनो

                
                                                         
                            कमजोर को सभी सदा दबाते हैं
                                                                 
                            
ताकतवर के सामने शीष झुकाते हैं
"जिसकी लाठी उसकी भैंस" कहावत सुनाते हैं
मजबूत बनो तुम
देवदूत बनो तुम
सुबह सुबह दौड़ो तुम
सुबह सुबह टहलो तुम
रख कर खान पान पर ध्यान
करके नित व्यायाम,प्राणायाम
देकर स्वास्थ्य पर ध्यान
बनो वीर बलवान
बन कर साहसी इंसान
बनाओ हिम्मती हिंदुस्तान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
2 सप्ताह पहले

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