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बड़ा होने से क्या हुआ,जब संसार हेतु हो बेकार

                
                                                         
                            पेड़ सारे ताड़ के
                                                                 
                            
बोल दिए दहाड़ के
"है हमसे,ऊंचा कौन?
है हमसे लंबा कौन?
है हमसे बड़ा कौन?"
पेड़ सारे पहाड़ के
बोले, ताड़ से
" है हमसे ऊंचा कौन?"
बोला, आसमान
" है कौन ऊंचा मेरे समान?"
थे सभी अहंकार में चूर
तभी सुन रही थी चींटी बैठी दूर
वह बोली," करो मुझ सा श्रम,लाओ बड़े विचार
ऊंचा और लंबा होने से चलता नहीं संसार
बड़ा होने से क्या हुआ,जब संसार हेतु हो बेकार
झूठे पालते हो अहंकार।"
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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एक घंटा पहले

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