जिधर
देख कर
लगता डर
जिस पर
देखने पर
लगता डर
उस पर
नट चलता है
वह टहलता है
पेट मलता है
भूख से जो तड़पता है
वह कुछ भी कर सकता है
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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