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भीगा बदन

                
                                                         
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भीगा तन
पर है ताजा मन
झम झमा झम
छम छमा छम
बरसा सावन
मन भावन
भर गया ताल तलैया
भीग गई गैया
भीगे उपवन सारे
भीगे जन जन सारे।
- सहज कुमार
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2 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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