समय से पढ़ाई
समय से अंगड़ाई
समय से रोजगार
समय से सरोकार
समय से बनाइए परिवार
समय से घर लाइए नारी
करके शादी बनके सदाचारी
नहीं तो कुंवर ठेल्ले रह जाएंगे
किसके लिए खेत घर जुटाएंगे?
नहीं तो कीजिए स्वदेश से प्यार
कीजिए कर्म हिंद हित हजार
कलाम अटल लता भगतसिंह बन जाइए
हमारे हिंद के गौरव गीत गाइए
या तो भारत रत्न पाइए
या भारत रत्न बन जाइए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X