आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

भारत रत्न पाइए

                
                                                         
                            समय से पढ़ाई
                                                                 
                            
समय से अंगड़ाई
समय से रोजगार
समय से सरोकार
समय से बनाइए परिवार
समय से घर लाइए नारी
करके शादी बनके सदाचारी
नहीं तो कुंवर ठेल्ले रह जाएंगे
किसके लिए खेत घर जुटाएंगे?
नहीं तो कीजिए स्वदेश से प्यार
कीजिए कर्म हिंद हित हजार
कलाम अटल लता भगतसिंह बन जाइए
हमारे हिंद के गौरव गीत गाइए
या तो भारत रत्न पाइए
या भारत रत्न बन जाइए।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
48 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर