लेकर सिर पर भार
लेकर सिर पर सारा संसार
सारे संसार का भार
लेकर ईर्ष्या द्वेष का भार
लेकर अहंकार का भार
लेकर लोभ लालच हजार
घूम रहा तुम है
चूम रहा तुम है
पहले ये भार
तू उतार
होगा तब तुम हल्का,बढ़ेगी तेरी रफ्तार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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