बरस बादल!बरस तहरे इंतजार बा
रोपनी खातिर खेत सब तैयार बा
छिप छाप पानी त अउरू बेकार बा
टुकुर टुकुर ताकत बाड़े किसान सब
टुकुर टुकुर ताकत बाड़े जवान सब
बचवन सब नहाए खातिर तैयार बा
कागज के नाव बना के करत सभे इंतजार बा
बरस बादल! बरस बस तहरे त इंतजार बा।
- सहज कुमार
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