आई बरसा सुहानी
लिए भरपूर पानी
सूने सड़क पे आई जवानी
बरसा झमझम पानी
बरसा छम छम पानी
सड़क नहाए
भवन नहाए
वतन नहाए
तरू नहाए
पशु-पक्षी नहाएगी
बदली कहानी
आई बरखा रानी।
- सहज कुमार
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