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बनो मत कमजोर

                
                                                         
                            समझो मत कमजोर अपने को
                                                                 
                            
करो मत कमजोर अपने सपने को
रखो ऊंचा स्वाभिमान
छू लो आज आसमान
मत कहीं हाथ पसार
तुममें छुपी शक्ति अपार
अपनी छुपी शक्ति को पहचान
पहचान कौन है तू?
जान कौन है तू?
सबसे पहले स्वयं को जान
भर तू नूतन उड़ान
उड़ने को है आसमान
है जीतने के लिए जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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13 घंटे पहले

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