बनो मत कमजोर
लगाओ जोर
स्वयं के प्रति बनो कठोर
बन कर संयमित
करके कर्म नियमित
करो स्वयं का विकास
तब लिखो एक इतिहास
छोड़ कर हास परिहास
रचो नूतन एक इतिहास
कभी अपनों पर तनना पड़ता है
कभी कभी कठोर बनना पड़ता है
है तब सुधरता सारा समाज
है तब बनता सुंदर समाज
बनाना है हमें हुलसित हिंदुस्तान
बनाना है हमें सुरक्षित हिंदुस्तान
तो करना पड़ेगा आत्म उत्थान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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