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बलिया की मिट्टी

                
                                                         
                            बलिया की धरती साहित्यकार उगले
                                                                 
                            
कवि,कलाकार पत्रकार,नाटककार उगले
उगले प्रधानमंत्री और बड़े बड़े अधिकारी
उगले मंगल पांडे,चित्तू पांडे जैसे क्रांतिकारी
है उर्वर भूमि यह,उगले अन्न व तरकारी
गंगा की माटी से निकले बड़े बड़े लाल
जो किए विश्व भर में बड़े बड़े कमाल
मचाए विश्व भर में धमाल
इस माटी से निकले निडर संतान
कहते इसको बागी बलिया,है इससे हिंदुस्तान
गंगा से सागर निकले
ज्ञान के गागर निकले
भरत सिंह, जैसे सिंह निकले
है गजब इस मिट्टी की शान
बागी बैरिया से है हमारा हिंदुस्तान में पहचान
हैं हम गुदरी सिंह के टोला के वीर संतान
हैं हम पांडे पुर के वीर जवान
है यहां गंगा का मैदान
आए देखे सारा जहान
हैं हम हीरा सोना चांदी चमकाएं हम आसमान
हम अपने बाहुबल से जीतें जहान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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23 घंटे पहले

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