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बलिया की धरती

                
                                                         
                            है बलिया की धरती स्वर्ग से सुंदर प्यारी
                                                                 
                            
जिसने की केवल साहस से सदा यारी
बहती जहां गंगा की पावन धारा
बहती जहां स्वदेश प्रेम की धारा
बहती जहां वीरता की अविरल धारा
सबसे पहले जिस जिला में तिरंगा लहराया
सबसे पहले जहां आजादी का परचम लहराया
जो वीरता के कारण बागी बलिया कहलाया
जहां के लोग होते हैं स्वाभिमानी
जहां के लोग होते हैं तूफानी
जहां के लोग होते हैं बलिदानी
उस गौरवशाली जिला से मैं आता हूं
उसकी गौरव गाथा मैं सुनाता हूं
जिनके उन्नत भाल हैं
जिनके करों में करवाल हैं
जो चलते शेर की चाल हैं
चलो उसको और वीर बनाएं
चलो उसके गौरव गान गाएं।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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6 दिन पहले

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