स्वदेश में रहना चाहता हूं मैं
स्वदेश में सुख दुःख सहना चाहता हूं मैं
स्वर्ग से सुंदर प्यारा
है स्वदेश हमारा
जहां खेत खलिहान हैं
जहां बड़े बड़े बागान हैं
जहां हीरा सोना का खान है
जहां कण कण में भगवान हैं
वह हमारा हिंदुस्तान है
जहां बच्चा बच्चा राम है
जहां बच्चा बच्चा घनश्याम है।
- सहज कुमार
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