चल देख ददरी मेला हो
मेला में देख खेला हो
बलिया के ह ई मेला हो
बलिया विश्व गुरु
क्रांति एहिजे से शुरू
भेटाई नाहीं ईहां कोउनो चेला हो
चल देख ददरी मेला हो
लिटृटी चोखा ईहां मिलेला हो
चल देख बागी बलिया के मेला हो।
- सहज कुमार
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